चाइल्ड केयर लीव के नियम

CCL leave rules

चाइल्ड केयर लीव

वित्त विभाग की अधिसूचना दिनांक 22/5/ 18 द्वारा राजस्थान सेवा नियम 1951 में नियम 103 C के तहत एक महिला कर्मचारी को संपूर्ण सेवाकाल में 730 दिन का चाइल्ड केयर लीव पूर्ण वेतन पर दिए जाने का प्रावधान किया गया।

जिसे बाद में वित्त विभाग की अधिसूचना दिनांक 31/7/20 द्वारा 365 दिन पूर्व वेतन तथा 365 दिन 80% वेतन पर दिए जाने तथा महिला एवं एकल पुरुष कर्मचारी को दिए हेतु संशोधन किया गया।

चाइल्ड केयर लीव { child care leave }सामान्य जानकारी –

  1. किसी महिला कर्मचारी द्वारा अपनी दो सबसे बड़े संतान या उनमें से किसी एक की पालन या परीक्षा या बीमारी आदि के समय चाइल्ड केयर लीव हेतु निर्धारित परफॉर्मा में आवेदन किया जा सकेगा।
  2. 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों की देखभाल हेतु चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन किया जा सकता है। परंतु मानसिक विमंदता, एपिलेप्सी दिव्यांगता से प्रभावित बच्चे की देखभाल हेतु चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन के लिए आयु सीमा 22 वर्ष थी जिसे बाद में हटा लिया गया है।
  3. CCL को उपार्जित अवकाश की तरह एक बार में अधिकतम 120 दिन तक तथा टीबी कैंसर कोढ या मानसिक रोग के निदान के लिए अधिकतम 300 दिन का अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।
  4. न्यूनतम अवधि 5 दिवस होगी।
  5. एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम तीन बार CCL ली जा सकेगी।

हाइकोर्ट जोधपुर के आदेश दिनांक 07/01/19 के अनुसार हाइकोर्ट कर्मचारियों हेतु दो बार चाइल्ड केअर लीव के बीच 3 माह का अंतराल अनिवार्य है

जबकि शिक्षा विभाग व वित्त विभाग के आदेश के अनुसार अंतराल अवधि निर्धारित नहीं की गई है।

  1. एक महिला कार्मिक द्वारा निम्न कारणों से CCL हेतु आवेदन किया जा सकेगा
    (1) बच्चे की गंभीर बीमारी अथवा विकलांगता के कारण देखभाल हेतु
    (2) सेकंडरी व सीनियर सेकेंडरी परीक्षा के समय देखभाल हेतु
    ( 3 ) सेकंडरी व सीनियर सेकेंडरी परीक्षा के अतिरिक्त शिक्षण कार्य के समय देखभाल हेतु
    ( 4) 3 वर्ष तक की आयु के बच्चे के पालन हेतु
  2. प्रोबेशन के दौरान किसी कार्मिक का सामान्य परिस्थिति में CCL स्वीकृत नहीं की जा सकेगा । विशेष परिस्थितियों में CCL देय होगी परंतु उससे लीव अवधि के समान प्रोबेशन आगे सरकेगा।

विशेष परिस्थितियां परिभाषित नहीं की गई है ।

अतः यह डीडीओ पर निर्भर है कि वह उन परिस्थितियों को विशेष मानता है अथवा नहीं

  1. बिना पूर्व स्वीकृति के अवकाश पर जाने पर चाइल्ड केयर लीव बाद में स्वीकृत नहीं की जा सकेगी।
  2. चाइल्ड केयर लीव का अवकाश लेखा रखने हेतु पृथक् से एक पृष्ठ सेवा पुस्तिका में चस्पा किया जाएगा।

चाइल्ड केयर लीव आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज

  • 1 निर्धारित प्रपत्र में आवेदन
  • 2.राशन कार्ड अथवा भामाशाह कार्ड की प्रति
  • 3.बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र की प्रति
  • 4. बच्चे के अध्ययन अथवा बीमारी से संबंधित प्रमाण पत्र

डीडीओ द्वारा ध्यान रखने योग्य बिंदु

  1. निर्देशानुसार 20% से से अधिक महिला कार्मिकों को एक साथ चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत नहीं करें।
  2. परंतु यदि महिला कार्मिकों की संख्या बहुत कम (जैसे 1से 4) है। तथा संस्था की व्यवस्था में बाधा नहीं पड़ रही – तो डीडीओ विवेकानुसार अवकाश स्वीकृत कर सकता है।
  3. महिला कार्मिक द्वारा अवकाश आवेदन के समय सभी आवश्यक दस्तावेज दिए गए हो तथा मैं स्वप्रमाणित हो।
  4. कार्मिक द्वारा आवेदन किये जाने पर डीडीओ चाइल्ड केअर लीव हेतु उसकी पात्रता सम्बन्धी जांच अवश्य कर लें।
  5. अवकाश अस्वीकृति की स्थिति में कार्मिक द्वारा अवकाश पर जाने की स्थिति में राजकार्य बाधित होने सम्बन्धी युक्तियुक्त कारण का उल्लेख अवकाश अस्वीकृति के साथ अवश्य करें।

कार्मिक द्वारा ध्यान रखने हेतु बिंदु

  1. अन्य अवकाश की तरह CCL अधिकार नही है ।
  2. किसी भी परिस्थिति में कार्मिक द्वारा अवकाश उपभोग के पश्चात स्वीकृत नहीं किए जा सकेंगे
  3. अतः अवकाश पर जाने से पहले कार्मिक यह सुनिश्चित करले की उसके द्वारा आवेदित चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत कर ली गई है।
  4. 3 वर्ष से कम आयु के बच्चे की देखभाल हेतु आवेदन किया जा सकता है
  5. परंतु 3 वर्ष से अधिक ऐसे बच्चे जिनकी बोर्ड परीक्षा नहीं है उनकी देखभाल हेतु उनकी बिंदु संख्या 3 के माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक परीक्षा की अतिरिक्त शिक्षण के समय देखभाल हेतु के तहत आवेदन करें।
  6. अवकाश आवेदन से पूर्व यह याद रखें कि संस्थान की व्यवस्था ना बिगड़े अतः आपका अवकाश आवेदन अस्वीकृत भी किया जा सकता है।
  7. कृपया अन्य कार्यों हेतु CCL का बहाना बनाकर अवकाश आवेदन ना करें।

प्रोबेशन के दौरान चाइल्ड केअर लीव

1 प्रोबेशन के दौरान चाइल्ड केयर लीव डीडीओ द्वारा स्वीकृत की जा सकेगी !

2 जहाँ तक संभव हो प्रोबेशन के दौरान चाइल्ड केयर लीव नहीं ली जानी चाहिए !

3 यदि 30 दिन से कम अवकाश की आवश्यकता हो तो कार्मिक को चाइल्ड केयर लीव की बजाए अवैतनिक अवकाश हेतु आवेदन करना चाहिए जिससे प्रोबेशन आगे नहीं बढ़ेगा !

अवकाश प्रार्थना पत्र का प्रारूप

श्रीमान …..
………
…..
विषय : दिनांक ….. से ……. दिनांक तक चाइल्ड केअर लीव हेतु
मान्यवर
उपर्युक्त विषयान्तर्गत निवेदन है कि मेरा पुत्र / पुत्री …… आयु ….. कक्षा …… में अध्ययनरत है/ मेरा पुत्र / पुत्री …… 
आयु ….. अस्वस्थ है जिसकी देखभाल हेतु मुझे 
वित्त विभाग की अधिसूचना दिनांक 10/09/18 के बिंदु संख्या 4 (1)/4(2)/4(3)/4(4) के तहत
 दिनांक …….से दिनांक…….. तक …… दिन का अवकाश स्वीकृत कराने का कष्ट करावे। 
अवकाश के दौरान कभी भी राजकार्य बाधित होने की स्थिति में मेरा अवकाश निरस्त किया जाने पर उसकी सूचना किसी भी माध्यम से मिलने पर उपस्थित होने का दायित्व मेरा स्वंय का होगा।
संलग्न
1 निर्धारित प्रपत्र में आवेदन
2.राशन कार्ड अथवा भामाशाह कार्ड की प्रति
3.बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र की प्रति
4.बच्चे के अध्ययन अथवा बीमारी से संबंधित प्रमाण पत्र की प्रति
  भवदीया
  ………..
(नाम)
पद

अवकाश स्वीकृति आदेश का प्रारूप👇

कार्यालय………………………
कार्यालय आदेश 

वित्त विभाग की अधिसूचना दिनांक 22/5/ 18 द्वारा राजस्थान सेवा नियम 1951 में नियम 103 C के तहत 
श्रीमती ……..(पद) दिनांक …….से दिनांक…….. 
तक …… दिन का अवकाश अधिसूचना में वर्णित शर्तों के अधीन स्वीकृत किया जाता है। 
कोई राजकार्य बाधित होने की स्थिति में अवकाश निरस्त किया जा सकेगा। 
उसकी सूचना किसी भी माध्यम से मिलने पर उपस्थित होने का दायित्व कार्मिक का स्वयं का होगा।

अवकाश अवधि के दौरान राजस्थान सेवा नियम 97(1)
 के तहत पूर्ण वेतन देय होगा।/ वित्त विभाग की अधिसूचना 
दिनांक 31/7/20के तहत …. दिवस का 80% वेतन 
देय होगा /राजस्थान सेवा नियम 97(1) के तहत …. 
दिवस का पूर्ण वेतन तथा वित्त विभाग की अधिसूचना
 31/7/20 दिनांक ……. के तहत …. दिवस का 80% वेतन देय होगा ।

विशेष नोट:-
जिस प्रकार कार्मिक के लिए अवकाश अधिकार नहीं है

उसी प्रकार डीडीओ के लिए भी अवकाश अस्वीकृत करने हेतु युक्तियुक्त आधार होना अनिवार्य है।

श्री देवी बिजानी, प्रधानाचार्य, GSSS बेरडों का बास ,ओसियां जिला जोधपुर

एडमिन पैनल
पेमेनेजर इन्फो ग्रुप

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